100% Satisfaction
सरकार द्वारा प्रमाणित 301/11
  • हकलाने वाले व्यक्ति के सेन्टर में आने के बाद उसे हकलाने के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है। इसके बाद उसका साइकोलॉजिकल लेवल और उसकी समस्या का पता लगाया जाता है।
  • फिर उसको स्पीच सिखाई जाती है। उसके तुरन्त बाद से ही उसकी स्पीच में सुधार होने लगता है तथा स्पीच का लगातार अभ्यास कराया जाता है।
  • सेन्टर में श्वास की प्रैक्टिस व स्पीड कंट्रोलिंग करायी जाती है तथा मोटिवेट किया जाता है।
  • समस्या के अनुसार प्रैक्टिस करायी जाती है।
  • ग्रुप डिस्कशन, अनजान लोगों से मिलना, स्टेज प्रैक्टिस, ब्लॉकेज प्रैक्टिस, सेमीनार प्रैक्टिस, मसल्स प्रैक्टिस, स्ट्रेस रिलीव प्रैक्टिस आदि अनेक प्रैक्टिस समस्या के अनुसार करायी जाती है।
  • हमारे यहाँ व्यक्ति 7 दिन में भी सामान्य व्यक्ति जैसा बोल सकता है।